President’s Message

Tehreek Ulama E Hind is committed to making positive social change in India. This organisation is a positive movement of the Liberal Sufi Ulama of India which means that the Ulama of India wants to improve the level of social, economic, political, educational and health conditions in the community at every possible way.

We are very happy to say that Tehreek Ulama E Hind shaped a major political change before its first anniversary. Relieving the society distracted by the incidents of organised lynchings happening against the Muslims across the country, a big mass event was called for a law to ensure stringent punishment on lynching. The event called on 21 July 2019 in Jaipur. Within a month of this conference, the Chief Minister of Rajasthan, Honorable Mr. Ashok Gehlot ji, taking cognizance of our demands, made a strong law with provisions of life imprisonment for the lynching convicts.

This is an excellent effort not only to brand Tehreek Ulama E Hind but also for the protection of human values ​​as revealed in the Constitution.

We understand that efforts to improve the conditions in the health sector are prime required. Reform of education and economic interests of Muslims also required with cooperation and support of the entire country. Through various training camps, we have given the necessary information to the public to awaken them on the issues of education, health, employment and national interest. Just as one part of the body is defective, it cannot be called healthy, in the same way, if a Muslim remains backwards in the country, then we will not be able to call the country healthy.

Come! You should also give your support in this momentous endeavour of society, country and Sufi movement, we expect all kind of cooperation from you. Thank you.

तहरीक उलामा ए हिंद भारत में संजीदा सामाजिक बदलाव के लिए प्रतिबद्ध है। यह संगठन भारत के उदारवादी सूफी उलामा का एक सकारात्मक आंदोलन है जिसका मतलब होता है कि भारत के उलामा अपने समुदाय में बेहतर सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक, शैक्षणिक और स्वास्थ्य के स्तर पर बदलाव चाहते हैं।

हमें यह बताते हुए बहुत प्रसन्नता हो रही है कि तहरीक उलामा ए हिंद ने अपनी पहली वर्षगांठ से पूर्व ही एक बड़े राजनीतिक बदलाव को स्वरूप दे दिया। देशभर में मुसलमानों के विरुद्ध हो रही संगठनात्मक लिंचिंग की घटनाओं से विचलित समाज को राहत देते हुए जयपुर में दिनांक 21 जूलाई 2019 को एक बड़ा सामूहिक कार्यक्रम बुलाकर लिंचिंग पर कड़ी सजा का प्रावधान करने की मांग की गई।

इस सम्मेलन के एक महीने के भीतर ही राजस्थान प्रदेश के मुख्यमंत्री माननीय श्री अशोक गहलोत जी ने हमारी मांगों पर संज्ञान लेते हुए लिंचिंग के दोषियों को उम्रकैद की सजा का प्रावधान किया।

यह तहरीक उलामा ए हिंद की ही नहीं वरन संविधान में प्रकट मानवीय मूल्यों की रक्षा का भी एक उत्कृष्ट प्रयास है। हम समझते हैं कि तहरीक उलामा ए हिंद के स्वास्थ्य के स्तर पर, शिक्षा के सुधार और मुसलमानों के आर्थिक हितों के प्रयासों को पूरे देश के सहयोग और समर्थन की आवश्यकता है। हमने विभिन्न प्रशिक्षण कैंपों के माध्यम से जनता को शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और राष्ट्रहित के मुद्दों पर जमा कर आवश्यक जानकारियां दी हैं। जिस तरह शरीर का कोई एक अंग खराब हो तो उसे स्वस्थ नहीं कहा जा सकता, ठीक उसी प्रकार अगर देश में मुसलमान पिछड़ा रह गया तो देश को हम स्वस्थ नहीं कह पाएंगे।

आइए! समाज देश और सूफी आंदोलन के इस चंहुमुखी प्रयास में आप भी अपना सहयोग दें हम आपसे सभी तरह के सहयोग की अपेक्षा करते हैं। धन्यवाद।
मुफ़्ती ख़ालिद अय्यूब मिस्बाही
संस्थापक अध्यक्ष

 

Khalid Ayubi Tehreek ulama e hind President
Khalid Ayubi Misbahi, Tehreek ulama e hind President

Khalid Ayyoob Misbahi
Founder President