Health

तहरीक उलामा ए हिंद कदाचित भारत का पहला सूफी उलामा संगठन है जो स्वास्थ्य के प्रति इतनी गंभीरता के साथ आगे बढ़ रहा है। तहरीक उलामा ए हिंद ने 7, 9, 21 & 24 नवंबर और 8 दिसंबर 2019 को जयपुर शहर के अलग-अलग हिस्सों में स्वास्थ्य कैंप लगाए जिनमें कई सौ मरीजों को दर्जनों बीमारियों में स्वास्थ्य लाभ हुआ। इसी तरह तहरीक उलमा ए हिंद ने छोटे शहरों में ब्लड कैंप भी लगाए जिनमें भारी मात्रा में लोगों ने रक्तदान किया।

विशेष रूप से तहरीक उलामा ए हिंद ने वर्ष 2019 के ईद मिलादुन्नबी के कार्यक्रम में नागौर जिला, राजस्थान से रक्तदान जैसे पवित्र अभियान की शुरुआत की, जिससे गरीब मरीजों को इलाज के दौरान खून की कमी का सामना ना करना पड़े। इस प्रयास में कार्य कर रहे ब्लड बैंकों से जमानत के तौर पर तहरीक उलामा ए हिंद अपने दान किए गए रक्त के कूपन प्राप्त करने के लिए भी प्रयासरत है ताकि जरूरतमंद गरीब मरीज यदि सीधे तहरीक उलामा ए हिंद से संपर्क करें तो उन्हें इसका सीधा लाभ दिया जा सके। तहरीक का यह कहना है कि जिस मरीज को भी स्वास्थ्य संबंधित कोई जरूरत हो तो तहरीक उलमा ए हिंद हर वक्त तैयार है।

हम मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य के लिए भी गंभीरता से प्रयास कर रहे हैं और वर्ष 2020 से हमारा लक्ष्य है कि गर्भस्थ शिशु के स्वास्थ्य की भरपूर सुरक्षा होनी चाहिए क्योंकि ये हमारे देश के आने वाले स्वच्छ नागरिक हैं। इसके लिए तहरीक का प्रयास है कि हमारी जो बहनें गर्भवती हैं उनके इलाज अस्पताल में हों और उनकी स्वस्थय डिलीवरी होनी चाहिए और उसके बाद माता और बच्चे के स्वास्थ्य पोषण के लिए भी हम वर्ष 2020 से हेल्थ किटी का निर्माण कर रहे हैं ताकि उन्हें पोषण दिया जा सके। एक स्वस्थ नागरिक ही एक स्वस्थ समाज और देश का निर्माण कर सकता है।

Tahreek Ulama-e-Hind is perhaps the first Sufi Ulama organization in India to pursue health with such seriousness. Tahreek Ulama-e-Hind organized health camps in different parts of Jaipur city on 7, 9, 21 & 24 November and 8 December 2019 in which several hundred patients benefited from dozens of diseases.

Similarly, Tahreek Ulama-e-Hind also set up blood camps in small towns, in which large amounts of people donated blood. In particular, Tahreek Ulama-e-Hind launched a holy campaign like blood donation from Nagaur district, Rajasthan on the eve of Eid Miladun Nabi for the year 2019. The motto to organize the camp to make poor patients relax not to face blood loss during treatment. Tahreek Ulama-e-Hind is also trying to get coupons of his donated blood as collateral from the blood banks working in this endeavour so that needy poor patients get direct benefit if they contact the organization.

We are also seriously striving for maternal and child health and since the year 2020, we aim to have the full protection of the health of the fetus as these are future citizens of our country. For this, Tahreek’s effort is that our pregnant sisters should be treated in hospital and they must have a healthy delivery at the hospital. We are also building health kitty for the health of mother and child since the year 2020 to nourish them. Only a healthy citizen can build a healthy society and country.