About Us

Tehreek Ulama E Hind has established on 1 November 2018 in Sufi Head Quarters of India i.e. Ajmer Sharif, Rajasthan state of India. Since its inception, Tehreek Ulama E Hind appointed the famous, young, energetic, Sufi thinker and speaker Mufti Khalid Ayyoob Misbahi as its Founder President.

So far, about 100 office-bearers from all the districts of Rajasthan in Tehreek Ulama E Hind have started serious efforts. Tehreek Ulama E Hind is taking forward the work of education, health, employment, human rights, Waqf property and social reform. Tehreek believes that the real intention of Islam lies in the individual’s development and behaviour.

Just as Islam has also given the service of human beings to the status of worship, Tehreek Ulama E Hind is pursuing the same thing. Tehreek has so far created a sense of awareness in society by organizing 10 different training camps and conferences in 5 cities. The result of this is that within a year of its existence, it has succeeded in getting the Rajasthan government to enact stringent laws against human lynchings in the name of religion.

We believe that we will be successful in our efforts in social reform along with children’s education, maternal-child welfare, health, youth employment, training, protection of human rights, better use of Waqf properties and proper social and political representation.

Tehreek Ulama E Hind expects all kind of cooperation from you. You can support us with time, on ground, donations, efforts, sharing knowledge, conducting training and duaa. If you want to join us, you can mail us at tahreekulamaehind@gmail.com or you can also call us directly on +919660766786 or +919828049081

तहरीक उलामा ए हिंद 1 नवंबर 2018 को भारत के सूफी हेड क्वार्टर यानी अजमेर शरीफ में स्थापित किया गया। अपनी स्थापना के साथ ही तहरीक उलामा ए हिंद ने मशहूर, युवा, ऊर्जावान, सूफी चिंतक, विचारक और वक्ता मुफ्ती खालिद अयूब मिस्बाही को इसका अध्यक्ष नियुक्त किया।

तहरीक उलामा ए हिंद में राजस्थान के सभी जिलों से अब तक लगभग 100 पदाधिकारियों ने गंभीर प्रयास शुरू कर दिए हैं। तहरीक उलामा ए हिंद शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, मानवाधिकार, वक़्फ़ संपत्ति और सामाजिक सुधार के कार्यों को आगे बढ़ा रही है। तहरीक मानती है कि इस्लाम का असली मंशा व्यक्ति के चारीत्रिक विकास और उसके व्यवहार में भी निहित है।

जिस तरह इस्लाम ने मानव मात्र की सेवा को भी इबादत का दर्जा दिया है, तहरीक उलामा ए हिंद इसी बात को आगे बढ़ा रही है। तहरीक उलामा ए हिंद ने अब तक 5 शहरों में 10 विभिन्न प्रशिक्षण कैंप और सम्मेलन आयोजित करके समाज में जागरूकता का भाव पैदा किया है। इसी का नतीजा है कि अपने अस्तित्व के एक साल के भीतर ही वह राजस्थान सरकार से लिंचिंग के विरुद्ध कठोर कानून बनवाने में सफल रही है।

हमारा मानना है कि बच्चों की पढ़ाई, मातृ शिशु कल्याण स्वास्थ्य, युवाओं के रोजगार, प्रशिक्षण, मानवाधिकार की सुरक्षा, वक्फ संपत्तियों के बेहतर इस्तेमाल और उचित सामाजिक और राजनीतिक प्रतिनिधित्व के साथ-साथ सामाजिक सुधार में हम अपने प्रयासों में सफल होंगे। तहरीक उलामा ए हिंद आपसे सभी तरह के सहयोग की अपेक्षा करती है। आप हमें समय, श्रम, धन, प्रयास, ज्ञान, प्रशिक्षण और दुआओं से सहयोग कर सकते हैं।

यदि आप हमसे जुड़ना चाहते हैं तो हमें tahreekulamaehind@gmail.com पर मेल कर सकते हैं या हमें इन नंबरों पर सीधे टेलीफोन भी कर सकते हैं +919660766786 या +919828049081

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